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गवाही के लिए अब बार-बार कोर्ट नहीं जाएंगे सरकारी अफसर

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से दर्ज होंगे बयान, करनाल से शुरू होगा पायलट प्रोजेक्ट

Satyakhabarindia

सत्य खबर हरियाणा

A new pilot project in Karnal : हरियाणा में सरकारी अधिकारियों को गवाही के लिए बार-बार अदालतों में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने की बाध्यता अब खत्म होने जा रही है। राज्य सरकार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग आधारित गवाही प्रणाली लागू करने की तैयारी में है, जिसके तहत अधिकांश मामलों में अधिकारी अपने कार्यालय से ही सुरक्षित डिजिटल माध्यम से अदालत में अपनी गवाही दर्ज करा सकेंगे।इस व्यवस्था की शुरुआत पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर करनाल से होगी। सफल परीक्षण के बाद इसे पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे अदालतों में लंबित मामलों के निस्तारण में तेजी आएगी, अधिकारियों का कार्य समय बचेगा और प्रशासनिक कामकाज पर अदालतों में पेशी का असर भी कम होगा।

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असल में अधिकारी को अदालत में गवाही देने जाने पर लगभग पूरा दिन खराब होता है और जनता के काम लटक जाते हैं। सरकार ने इस समस्या से निपटने के लिए अब अधिकारियों की गवाही डिजिटल फोरम से करवाने का फैसला किया है। इस अधिकारी का केवल उतना ही समय लगेगा जितना समय उसकी गवाही में लगेगा। बाकी समय में वह अपने कार्यालय के काम को निपटा सकेगा।

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नई व्यवस्था भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस), 2023 की धारा-530 के अनुरूप लागू की जा रही है, जिसमें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए साक्ष्य और गवाही दर्ज करने का प्रावधान किया गया है। हरियाणा सरकार इसी कानूनी व्यवस्था को व्यवहारिक रूप देने की दिशा में काम कर रही है ताकि न्यायिक प्रक्रिया अधिक तेज, सुविधाजनक और तकनीक आधारित बन सके।

सरकार ने करनाल को इस परियोजना के लिए पायलट जिला चुना है। यहां ‘न्याय श्रुति’ नाम से विशेष वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग प्लेटफॉर्म विकसित किया जा रहा है। इसके लागू होने के बाद संबंधित अधिकारी अदालत में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के बजाय निर्धारित प्रक्रिया के तहत ई-मेल के माध्यम से अनुरोध भेजेंगे और तय समय पर ऑनलाइन माध्यम से अपना बयान दर्ज कराएंगे। इस पूरी व्यवस्था का प्रारूप पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल को भी भेजा गया है, ताकि न्यायालयों के साथ आवश्यक समन्वय स्थापित किया जा सके।

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